Biography of Max Born in Hindi

Biography of Max Born in Hindi
मैक्स बोर्न की जीवनी
मैक्स बोर्न Max Born Scientist का जन्म 11 दिसम्बर, 1882 को जर्मनी के ब्रेस्लाउ में हुआ था। वैज्ञानिक मैक्स बोर्न का जन्म एक यहूदी परिवार में हुआ था। उनके पिता गुस्ताव बोर्न मेडिकल साइंस के प्रोफेसर थे। मैक्स जब चार वर्ष के थे, तभी उनकी मां मार्गरेट कॉफमन का निधन हो गया था।

Education of Max Born मैक्स बोर्न की पढ़ाई

बोर्न शुरुआत से ही एक प्रतिभाशाली छात्र रहे, हालांकि स्कूली दिनों में उनकी रुचि विज्ञान से अधिक आर्ट्स के विषयों में थी। उनके स्कूल की पढ़ाई पूरा करने के दिनों में ही पिता गुस्ताव बोर्न की मृत्यु हो गई। पिता के सपनों को पूरा करने के लिए ही उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए विज्ञान विषयों का चयन किया  और उन्होंने गौटिंगेन विश्वविद्यालय से पीएचडी तक की पढ़ाई की। बाद में, वे इसी विश्वविद्यालय में भौतिकी के प्रोफेसर बन गए, जहां उन्होंने उस समय के सबसे प्रसिद्ध वैज्ञानिकों के साथ काम किया।

मैक्स को जर्मनी से जाना पड़ा इंग्लैण्ड

मैक्स बोर्न को वर्ष 1933 में उन्हें जर्मनी से भागकर इंग्लैंड जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। यहां वे 1954 में सेवानिवृत्ति तक यानी करीब दो दशक तक एडिनबर्ग विश्वविद्यालय में टेट प्रोफेसर ऑफ नेचुरल फिलोसॉफी के प्रोफेसर रहे। रिटायरमेंट के बाद वह वापस जर्मनी में गौटिंगेन लौट आए।

Nobel Prize for Born Rule
बोर्न रूल के लिए नोबेल पुरस्कार

बोर्न को 1954 में बोर्न रूल के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भौतिकी  की शाखा क्वांटम यांत्रिकी Quantum Mechanics में पदार्थ की सबसे छोटी इकाई Atom का और भी सूक्ष्मता से अध्ययन किया जाता है। क्वांटम मैकेनिक्स के कारण ही पर्सनल कम्प्यूटर, लेजर और मेडिकल इमेजिंग डिवाइस (एमआरआई) जैसे क्रांतिकारी आविष्कार संभव हो सके हैं।
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बोर्न रूल क्या है

बोर्न रूल गणितीय संभावना का उपयोग कर क्वांटम सिस्टम में वेव पार्टिकल्स के सही स्थान का अनुमान लगाता है। इससे पहले के सिद्धांतों में वेव इक्वेशन्स को एकदम सटीक माना जाता था और इनमें काफी झंझंट भरे भौतिक माप वाले प्रयोग भी करने पड़ते थे। बोर्न अद्वितीयी प्रतिभाशाली गणितज्ञ भी थे। उन्होंने खोज की कि मैट्रिस यानी संख्याओं की पंक्तियों और स्तंभों की सारणियां प्रायिकता के अनुमानों के समान ही परिणाम प्राप्त कर सकती हैं। उनका यह सिद्धांत अब क्वांटम भौतिकी में व्यापक रूप में इस्तेमल किया जाता है।

Max Born Google Doodle मैक्स बोर्न गूगल डूडल

गूगल ने 11 दिसम्बर, 2017 को क्वांटम मेकेनिक्स के क्षेत्र में योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित जर्मन भौतिक विज्ञानी और गणितज्ञ मैक्स बोर्न Max Born के 135 वें जन्मदिन  पर डूडल Google Doodle पर बनाया है।

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