Babumoshai Bandookbaaz: Trailer Review in Hindi

बाबूमोशाय बंदूकबाज: ट्रेलर रिव्यू हिंदी में

Babumoshai Bandookbaaz Official Trailer Review in Hindi

नीरज  खंडेलवाल @hindihaat
        ह्यूमर और रोमांस से भरी नवाजुद्दीन सिद्दीकी Nawazuddin Siddiqui की अगली फिल्म बाबूमोशाय बंदूकबाज Babumoshai Bandookbazz 25 अगस्त को रिलीज होने जा रही है और फिल्म का तीन मिनट का आॅफिशियल ट्रेलर 11 जुलाई को रिलीज हो चुका है।

फैजल जैसा किरदार नहीं

Character unlike Faizal

        कुशाण नंदी Kushan Nandi निर्देशित बाबूमोशाय बंदूकबाज पूरी तरह नवाजुद्दीन पर ही केन्द्रित रहने वाली है क्यों कि फिल्म में इस कद के किसी और दूसरे कलाकार का किरदार नहीं है। गैंग्स आॅफ वासेपुर II के बाद नवाज एक बार फिर लगभग उसी तरह के धांसू किरदार में दर्शकों के सामने होंगे। किरदार हालांकि वासेपुर के फैजल जैसे दबदबे वाला नहीं है क्योंकि कहा जा रहा है कि बाबूमोशाय बंदूकबाज में नवाज एक छुटभैया Titular बंदूकबाज के रूप में पेश किए जा रहे हैं। वासेपुर के बाद नवाज अभिनीत मांझी Manjhi ही फिल्म समीक्षकों की प्रशंसा बटोर सकी थी क्योंकि इसी दौर में नवाज की फ्रीकी अली Freaky Ali और रमन राघव Raman Raghav जैसी फिल्म भी आई जिससे बाॅक्स आॅफिस और दर्शकों, दोनों को ही निराशा हाथ लगी थी। 

ट्रेलर में खुल गई कहानी!

Story Revealed in Trailer!

        फिल्म का आॅफिशियल ट्रेलर देखकर लगता है कि नवाजुद्दीन को उनके हुनर के अनुसार ही दमदार और प्रभावी तरीके से पेश किया है। फिर भी फिल्म की सफलता और विवेचकों की समीक्षा इस बात पर निर्भर करेगी कि फिल्म दर्शकों को क्लाइमेक्स तक कितना बांध पाती है। क्योंकि ट्रेलर में ही फिल्म की पटकथा के काफी पत्ते खुल गए प्रतीत होते हैं और अगर ऐसा नहीं है तो दर्शकों को जरूर अकल्पित क्लाइमेक्स देखने को मिलेगा।

(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});

आपसी डील पर टिकी है पटकथा

Mutual Deal Based Plot

        फिल्म की पटकथा नम्बर वन पाॅजिशन पाने के लिए दो बदमाशों के बीच हुई एक आपसी डील पर टिकी हुई है। फिल्म में नवाजुद्दीन बाबू नाम के किरदार की भूमिका में नजर आएंगे जो एक छोटे कस्बे का काॅन्ट्रैक्ट किलर है। फिल्म की कहानी बाबू की लव लाइफ और उसके दोस्तों एवं दुश्मनों के इर्द-गिर्द बतायी जा रही है। बाबू दरअसल बाबूमोशाय के नाम से जाना जाता है। फिल्म में बाबू का मुकाबला अपने ही शागिर्द बांके से है जो बाबू की जगह हासिल करना चाहता है और जिसके कारण बाबू की साख और दबदबा धीरे-धीरे कम हो जाता है। इसी बीच बांके को नीचा दिखाने के लिए बाबू बांके से एक डील करता है। जैसे ही बाबू को लगता है कि डील में उसकी जीत हो रही है, वैसे ही फिल्म की कहानी में ट्विस्ट आता है और बाबू को फिर धक्का लगता है। 
        मुरली शर्मा Murli Sharma बाबू और बांके की हिटलिस्ट के टारगेट की भूमिका में हैं। वहीं दिव्या दत्ता  Divya Dutta पुलिसवाली का किरदार निभा रही हैं। नवाजुद्दीन की प्रेमिका की भूमिका में बंगाली बाला बिदिता बाग Bidita Bag भी लीड रोल में हैं, जिन्हें अभी बाॅलीवुड की स्क्रीन पर खुद का अभिनय साबित करना बाकी है। इसके अलावा जतिन गोस्वामी, श्रद्धा दास, अनिल जाॅर्ज, जीतू शिवहरे और भगवान तिवारी भी अन्य किरदारों में हैं। फिल्म की अधिकांश शूटिंग लखनऊ में हुई है। फिल्म में जो सबसे अलग और एक्स्ट्रा बात बताई जा रही है, वो है ‘हमारे बाप का बिटवा बंदूकबाज…’ गाने में नवाजुद्दीन सिद्दीकी का रैप। ‘ये बर्फानी रातें, पिघल जाने दो…’ गाने का संगीत रूमानी और रूहानी के साथ-साथ उम्दा लग रहा है।
        फिल्म की कहानी गालिब असद भोपाली ने लिखी है। पूरी उम्मीद है कि भारतीय सिनेमा के सुप्रसिद्ध शायर असद भोपाली के बेटे गालिब असद भोपाली के गीत और डायलाॅग फिल्म में जान डालने का काम करेंगे।
(समीक्षक राजस्थानी फिल्मों के निर्देशक और सिनेमैटोग्राफर हैं।)

Leave a Reply