How to Maintain Bone Calcium in hindi

स्वस्थ रहने के लिए मेंटेन करें बोन बैंक बैलेंस

यह सर्वमान्य तथ्य है कि अपना कल सुरक्षित करने के लिए आज बचत करना जरूरी है और आज का निवेश कल के सुख का साधन बनता है. आर्थिक मामलों में इस राय पर सहमति व्यक्त करने वाले को सलाह है कि शारीरिक मामलों में भी इस कथन को स्वीकार करना जरूरी है.

हमारे शरीर के प्रमुख अवयवों में से एक हड्डियों के बारे में यह कथन सौ फीसदी सच साबित होता है. अगर आप उन पर आज ध्यान नहीं देंगे तो आपका कल दर्द और लाचारी से भरा हो सकता है.

हड्डियां हमारे शरीर के मुवमेंट के साथ साथ दिल, दिमाग और अन्य प्रमुख अंगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाती हैं. दरअसल सख्त दिखने वाला यह शारीरिक अवयव लिविंग टिशूज से बना होता है जो बढ़ता है और नष्ट भी होता है. इसका ज्यादातर हिस्सा दो जैविक पदार्थों से मिलकर बनता है.

पहला पदार्थ को वैज्ञानिक भाषा में कोलेजन कहते हैं जो एक खास तरह का प्रोटीन होता है. दूसरा प्रमुख पदार्थ कैल्शियम होता है. कोलेजन हड्डियों को लचीला बनाता है तो कैल्शियम उसे मजबूत बनाता है. दोनों के अद्भुत मिश्रण से ही हमें इतनी लचीली हड्डियां मिलती है जो हमें मुड़ने, घूमने और झुकने की स्वतंत्रता देती है और वजन उठाने और दबाव झेलने की क्षमता प्रदान करती है.

बेमिसाल बोन बैंक

हड्डियां हमारे शरीर में किसी बैंक की तरह ही काम करती हैं. जहां लगातार बोन टिशू डिपोजिट और विड्राॅ होते रहते हैं. बच्चों और किशोरों में नई हड्डियों का निर्माण होता रहता है यानि शरीर बोन टिशू डिपोजिट करता रहता है.

हमारे कंकाल तंत्र को बेहतर बनाने के लिए टिशू जुड़कर उसे विस्तार देते हैं और हमारी लंबाई, चैड़ाई और मोटाई बढ़ती चली जाती है. साथ ही हड्डियों में कैल्शियम का विड्राअल भी होता रहता है. दरअसल हड्डियां ही हमारे शरीर को जरूरत पड़ने पर कैल्शियम की आपूर्ति करती हैं.

तीस साल की उम्र के बाद टिशू विड्राअल की दर डिपाॅजिट की तुलना में ज्यादा हो जाती है और यही कारण है कि उसके बाद विस्तार न के बराबर होता है. इस घटना को बोन मास डिडक्शन कहा जाता है.

इससे कुछ लोगों में खासकर महिलाओं में मेनोपाॅज के बाद कैल्शियम डेफिशिएंसी की समस्या पैदा हो जाती है जो आगे चलकर आस्टियोपोरोसिस में तब्दील हो जाती है. इसके लिए जरूरी है कि हम अपनी युवावस्था में ही हड्डियों के डिपाॅजिट पर ध्यान दें और भविष्य के लिए ज्यादा मजबूत हड्डियां तैयार करें.

यह भी एक भ्रांति है कि आस्टियोपोरोसिस पुरूषों को नहीं हो सकता लेकिन ढेरों शोध और सामने आ रहे मामलों ने यह साबित किया है कि पुरूषों को भी इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

क्या करने की जरूरत है?

अगर आप चाहते हैं कि आपके बोन बैंक में बुढ़ापें के लिए ज्यादा से ज्यादा टिशू जोड़े जाएं तो आपको इसके लिए ढेर सारे कैल्शियम और विटामीन डी की जरूरत होगी. साथ ही संतुलित व्यायाम की भी जरूरत पड़ेगी.

अक्सर लोगों को लगता है कि जो दूसरों के साथ घटित हो रहा है वह मेरे साथ नहीं होगा तो आप अपने आस-पास के वृद्ध लोगों को उदाहरण के तौर पर देख सकते हैं जिनकी कमर झुक गई है या फिर जिनके घुटनों और जोड़ों में समस्या हो गई है.

अनगिनत उदाहरण आपको समझा देंगे कि आपको बोन बैंक में बैलेंस रखने की जरूरत क्यों है. दूसरी बड़ी समस्या है कि आस्टियोपोरोसिस धीरे-धीरे दस्तक देने वाली बीमारी है. इसके के लक्षण भी नहीं होते हैं.

इसका पता तभी चलता है जब शरीर की कोई महत्वपूर्ण हड्डी टूट जाती है इसलिए बोन बैंक को बेहतर करने के लिए आपको सबसे पहले अपने डाइट पर ध्यान देना होगा जो न सिर्फ आपके आज को स्वस्थ बनाएगी बल्कि आपके कल को भी बेहतर बनाने में आपके शरीर की मदद करने वाली है. साथ ही यह हड्डियों से सम्बन्धित होने वाली बीमारियों का रिस्क भी कम कर देती है.

कैल्शियम पर रखें जोर

मजबूत हड्डियों की पहली जरूरत कैल्शियम होती है. 9 से 18 की उम्र तक आपको प्रतिदिन 1300 मिलिग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है. यही वह महत्वपूर्ण साल होते हैं जब आपकी हड्डियों को बढ़ने के लिए न्यूट्रिशियन की जरूरत होती है. कैल्शियम के महत्वपूर्ण स्रोत के तौर पर इनको अपनाया जा सकता हैः

1. लो फैट और फैट फ्री डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध, चीज और योगर्ट.

2. शाकाहारियों के लिए शलजम, सरसों का साग, स्प्राउट्स और गोभी.

3. कैल्शियम फोर्टीफाइड फूड जैसे आरेंज जूस, सोया मिल्क.

4. डाॅक्टर के सलाह पर लिए जा सकने वाले डायटरी सप्लीमेंट्स.

विटामीन डी का हो साथ

विटामीन डी वह चाभी है जिससे कैल्शियम नाम का ताला बड़ी आसानी से खुलता है. दरअसल विटामीन डी आपके शरीर को कैल्शियम एबजार्ब करने में सहायता देता है और कम प्रयास में ज्यादा कैल्शियम शरीर को मिल जाता है.

दूध विटामीन डी का अच्छा स्रोत है और यह कैल्शियम से भी भरपूर है इसलिए दूध को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाना बहुत जरूरी है. इसके अलावा योगर्ट, अण्डे और मछलियां भी विटामीन डी का अच्छा स्रोत हैं. शाकाहारियों के लिए मशरूम अच्छा विकल्प हो सकता है.

फिजिकल एक्टीविटी से फिट हड्डियां

फिजिकल एक्टीविटी से न सिर्फ आपकी हड्डियां ही बेहतर होंगी बल्कि यह आपके बेहतर जीवन का आसान रास्ता भी है. थोड़ा पसीना आपको लंबे समय के लिए स्वस्थ बना देता है. हड्डियों से सम्बन्धित ढेरों एक्सरसाइज करने और उन्हें करने का तरीका याद रखना एक टेढ़ा काम है जो जल्दी ही आपको बोर कर देता है.

इस तरीके के बजाय कुछ खेलों को अपना लें तो जिंदगी आसान हो जाएगी. अगर आप तैरना जानते हैं तो तैराकी आपकी खासी मदद कर सकती है लेकिन अगर यह सुलभ नहीं है तो टेनिस को विकल्प के तौर पर लिया जा सकता है. यह खेल आपके शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखेगा.

टेनिस कोर्ट जैसी सुविधा जिनके लिए उपलब्ध नहीं हो सकती, उन्हें एक और ज्यादा आसान और सुलभ खेल बैडमिंटन का रूख करना चाहिए. यह खेल आपके सभी जोड़ों का व्यायाम करवा देगा. साथ ही आपके हड्डियों पर भी पर्याप्त काम करेगा. अगर आप पूरे दिन में कभी भी एक घंटा इन खेलों को दें तो आप न सिर्फ फीट रहेंगे बल्कि स्वयं को स्फूर्तिवान भी पाएंगे.

जीवन को आसान और मुश्किल दोनों बनाना पूरी तरह आपके हाथ में हैं. स्वस्थ जीवन की दो ही कसौटीयां हैं आपका आहार और व्यायाम. इन दोनों पर खुद को खरा रखने वाले को डाॅक्टर और अस्पताल दोनों का रास्ता नहीं पूछना पड़ता.

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