Indian Astrology-भारतीय ज्योतिष में नक्षत्रों में चरणाक्षर

भारतीय ज्योतिष में नक्षत्रों में चरणाक्षर

भारतीय ज्योतिष में प्रत्येक चरण में 4 चरण और 60 अंशों में विभाजित किया गया है. ज्योतिषियों ने प्रत्येक नक्षत्र के प्रत्येक चरण का एक-एक अक्षर भी निर्धारित किया है. जिस नक्षत्र के जिस चरण के लिए जो अक्षर निश्चित है, उसका उल्लेख नीचे किया गया है. जो मनुष्य जिस नक्षत्र के जिस चरण के योग-काल में जन्म लेता है, उसका नाम उसी चरणाक्षर के आधार पर रखा जाना है.

उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति का जन्म अश्विनी नक्षत्र के तीसरे चरण में हुआ है तो उसका नाम का आदि अक्षर चो होगा और उसी से शुरू करते हुए उसका नामकरण किया जाएगा. किस नक्षण के किस चरण के लिए कौनसा अक्षर नियत है, यह जानने के लिए नीचे सारणी दी गई है-

क्र. नक्षत्र प्रथम चरण द्वितीय चरण
तीसरा
चरण
चौथा चरण
1. अश्विनी चू चे चो ला
2. भरणी ली लू ले जो
3. कृतिका
4. रोहिणी जो बा बी बू
5. मृगशिरा बे बो का की
6. आर्दा कू ड़
7. पुनर्वसु के को हा हो
8. पुष्य हू हे हो डा
9. अश्लेषा डी डू डे डो
10. मेघा या मी मू ये
11. पुर्वा फाल्गुनी बो टा टी टू
12. उत्तरा फाल्गुनी टे तो पा पी
13. हस्त पू
14. चित्रा पे पो रा रो
15. स्वाति रू रे रो ता
16. विशाखा ती तू ते तो
17. अनुराधा ना नी नू ने
18. ज्येष्ठा नो या यी यू
19. मूल ये नो भ्रा भ्री
20. पूर्वाषाढ़ा भू धा का डा
21. उत्तराषाढ़ा भे जो जा तो
22. अभिजीत जू जे जो जा
23. श्रवण ची चू चे चो
24. धनिष्ठा गी गी गू वे
25. शतभिषा वो ता मी सू
26. पूर्वाभाद्रपद से सो दा दी
27. उत्तराभाद्रपद द्र
28. रेवती दे जो गा ची

 

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