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Section 80c in Hindi – सेक्शन 80 सी

सेक्शन 80 सी tax-80-c-hindi

सेक्शन 80 सी Section 80c in Hindi

सेक्शन 80 सी के माध्यम से निवेश कर बचाए इनकम टैक्स इनकम टैक्स बचाना न केवल समझदारी का विषय है बल्कि सही योजनाओं में निवेश करके पैसे का सही उपयोग करना भी है.

 

वैसे तो इनकम टैक्स से बचने के लिए कई सरकारी और निजी योजनाएं हैं, जिनमें निवेश करके आप अपनी इनकम पर लगने वाले टैक्स का पैसा बचा सकते हैं, पर इनकम टैक्स एक्ट 80सी इनकम टैक्स बचाने का सबसे उपर्युक्त और प्रचलित तरीका है.

अमित रमाकांत एण्ड कंपनी के फैलो ऑफ चार्टेड अकाउन्टेन्ट अमित अग्रवाल का कहना है कि सेक्शन 80सी में हम 1.50 लाख रुपये तक विभिन्न योजनाओं में निवेश करके बचा सकते हैं.

सेक्शन 8a0सी में पब्लिक प्रॉविडेंट फंड, राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र, एनएससी, बच्चों की स्कूली शिक्षा, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, आवासीय ऋण, कर्मचारी भविष्य निधि और भारतीय जीवन बीमा जैसे सेक्टर्स में निवेश करके इनकम टैक्स से बचते हुए अपने पैसे का सबसे अच्छा उपयोग हो सकता है.

 

इन माध्यमों से बचा सकते हैं आप अपना इनकम टैक्स

बच्चों की फीस का पेमेंट  IT Rebate throw School Fee

सेक्शन 80सी में अधिकतम दो बच्चों का स्कूल फी में कटौती की अनुमति है. इसमें टोटल डेढ़ लाख रुपये तक की फीस के रूप में मान्य होता है. इसमें सिर्फ ट्यूशन फीस ही 80सी के अंतर्गत आती है. इसके अलावा डवलपमेंट और अन्य फीस 80सी के अंतर्गत नहीं आती है. इसलिए ध्यान रखे कि आपके इनकम टैक्स में बच्चों की स्कूल के माध्यम से जो पैसा बचाना चाह रहे हैं वो केवल ट्यूशन फीस का ही है.

राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र IT Rebate in NSC

राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र जो कि एनएससी के नाम से भी मशहूर है. ये एनएससी मूलतः दो तरह की होती है, एक पांच साल के लिए और दूसरी 10 साल के लिए होती है. अपना इनकम टैक्स बचाने के लिए आप सेक्शन 80सी का काम में लेते हुए पोस्ट ऑफिस या बैंक में खोल सकते हैं. कई जगह ये ऑनलाइन भी उपलब्ध है.

कर्मचारी भविष्य निधि में निवेश के माध्यम से :- (EPF Deduction under Section)

कर्मचारी भविष्य निधि एक ऐसी योजना है जो रिटायरमेंट और आपातकाल में हमारे काम आती है. ये योजना केवल उन्हीं लोगों पर लागू होती है, जिनकी तनख्वाह से पीएफ कटता है. इस योजना में कंपनी व कर्मचारी दोनों का ही हिस्सा हर महीने पीएफ में जमा होता है और ये पूरा पैसा आपके लिए जारी किए गए नम्बर में जमा होता रहता

है और साथ ही इसका ब्याज भी मिलता है.

पीपीएफ में निवेश करके बचाए इनकम टैक्स PPF Deduction in Section 80c

सेक्शन 80सी के तहत पीपीएफ लम्बे समय तक इन्वेस्टमेंट का सुरक्षित और बेहतरीन माध्यम है. साथ ही 80सी के तहत ये टैक्स में छूट भी दिलाता है. यह योजना 15 साल की होती है. जिसमें न्यूनतम पांच सौ रुपये राशि व्यक्ति अपने पब्लिक पॉविडेंट खाते में जमा कराता है. इसकी ब्याज की दर सरकार द्वारा निर्धारित होती है जो कि समय-समय पर बदलती रहती है. पीपीएफ में न्यूनतम पांच वर्ष और अधिकतम 15 वर्ष के लिए खाता खोल सकते हैं.

भारतीय जीवन बीमा में निवेश करके Investment in LIC

सेक्शन 80सी के तहत भारतीय जीवन बीमा में निवेश कर ना केवल टैक्स में छूट मिलती है बल्कि हम हमारे परिवार और भविष्य को भी सुरक्षित कर सकते हैं. हम परिवार क किसी भी सदस्य बच्चे, पति-पत्नि का बीमा करवाकर 80सी के तहत आयकर में छूट ले सकते हैं.

इसके अलावा वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, आवासीय ऋण जैसे माध्यमों से भी सेक्शन 80सी के तहत आयकर में छूट का प्रावधान है. साथ ही अपने इनकम टैक्स के हिस्से को कैसे अपने जीवन में उपयोगी बना सकते हैं. उसके लिए अपने चार्टेड अकाउन्टेंट से जरूर राय लेनी चाहिए.

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