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Indu Sarkar Movie Story in Hindi इंदु सरकार की कहानी

Indu Sarkar Movie Story in Hindi इंदु सरकार की कहानी

Indu Sarkar Trailer Review इंदु सरकार दिखाएगी इमरजेंसी के अनछुए पहलू

Indu Sarkar movie ‘इंदु सरकार’ 28 जुलाई, 2017 को रिलीज हो रही है। ‘चांदनी बार‘, पेज थ्री और कॉर्पोरेट जैसी फिल्मों के बाद एक बार फिर मधुर भण्डारकर लीक से हटकर इमरजेंसी पर आधारित  फिल्म लेकर आए हैं।

ट्रेलर के साथ ही यह फिल्म विवादों में आ गई है।  फिल्म की पटकथा में करीब 42 साल पहले लगाई गई इमरजेंसी के दौरान देश के माहौल और राजनीति के अध्याय को जीवंत किया गया है। युवाओं को इस फिल्म के जरिए पहली बार ‘इमरजेंसी‘ से रूबरू होने का मौका मिलेगा।

वास्तविक मुद्दे पर बनी यह फिल्म भारतीय राजनीति के आधुनिक इतिहास पर कठोर प्रहार करती नजर आएगी। फिल्म पर जिस तरह से अभी से राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं, उससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि इसमें कुछ ऐसे दृश्य जरूर देखने को मिलेंगे, जो इमरजेंसी के दौरान घटित हुए, लेकिन ज्यादातर लोग उनसे आजतक अनजान हैं।

रियल घटनाओं को पर्दे पर उतारने में माहिर निर्देशक मधुर भण्डारकर Madhur Bhandarkar ने 21 माह तक चली इमरजेंसी को मात्र 41 दिनों में फिल्माया है। फिल्म में 1975 से 1977 के भारत को साकार करने का प्रयास किया गया है।

दिल्ली पर विशेष फोकस करते हुए ऐसे सेट्स तैयार किए गए हैं, जो उस जमाने की दिल्ली को धरातल पर उतार सकें। चांदनी चौक से लेकर तमाम उन वस्तुओं को फिल्म में दर्शाने का प्रयास किया गया है, जो उस दौर की राजनीति और जनजीवन का प्रमुख हिस्सा थी।

नाम नहीं पर नजारा गांधी परिवार का

गांधी परिवार के इर्द-गिर्द घूमती इस फिल्म में बताया गया है कि किस तरह इमरजेंसी के दौरान अभिव्यक्ति की आजादी और लोगों की आवाज को दबाया गया। लोगों को ऐसी सजा का सामना करना पड़ा, जिसके लिए उनका कोई दोष नहीं था।

आलोचकों के मुताबिक यह फिल्म भारतीय इतिहास में इमरजेंसी Emergency को एक काले धब्बे के रूप में स्थापित करने का प्रयास है, लेकिन दूसरी तरफ सेंसर बोर्ड का कहना है कि Indu Sarkar Trailer  में गांधी परिवार के किसी सदस्य का जिक्र नहीं किया गया है। केवल शारीरिक समानता की वजह से फिल्म पर आपत्ति नहीं जताई जा सकती।

कीर्ति की कीर्ति बढ़ा सकती है इंदु सरकार

अब बात करते हैं इंदु सरकार फिल्म के कास्ट indu sarkar cast की। फिल्म का ट्रेलर देखकर जाहिर होता है कि अभिनेता नील नितिन मुकेश संजय गांधी और सुप्रिया विनोद इंदिरा गांधी की भूमिका में है। अपनी पिछली फिल्म ‘Pink‘ से चर्चा में आई अभिनेत्री कीर्ति कुल्हरी Kirti Kulhari एक विद्रोही कवयित्री की भूमिका में हैं।

ट्रेलर के दृश्यों और डायलॉग ‘अर्जुन के इरादे हिल सकते हैं, घायल द्रोपदी के नहीं‘ से उम्मीद है कि यह फिल्म कीर्ति को फिल्म इंडस्ट्री में एक नया मुकाम दे सकती है। अनुपम खेर भी इमरजेंसी के प्रखर विरोधी एक भूमिगत नेता के रूप में दमदार अभिनय करते नजर आएंगे।

फिल्में में अन्य अभिनेता तोता रॉय चैधरी भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। म्यूजिक कम्पोजिंग अनु मलिक और बप्पी लहरी की है। फिल्म में अजीज नाजन की लोकप्रिय कव्वाली ‘चढ़ता सूरज धीरे-धीरे ढल जाएगा‘ दर्शकों के मन को भाएगी
दमदार डायलॉग हैं फिल्म की जान

फिल्म में अभिनय को निखारने के लिए जरूरी हैं दमदार डायलॉग। ‘इंदु सरकार‘ के बेहतरीन डायलॉग इसकी सफलता की पटकथा लिखने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। ‘सरकारें चैलेंजेज से नहीं चाबुक से चलती हैं‘ ‘और तुम लोग जिंदगीभर मां-बेटे की गुलामी करते रहोगे‘ ‘भारत की एक बेटी ने देश को बंदी बनाया हुआ है तुम वो बेटी बनो जो देश को मुक्ति का मार्ग दिखा सके‘ राष्ट्रपतिजी ने आपातकाल की घोषणा की है, इससे आतंकित होने का कोई कारण नहीं है‘, ‘इमरजेंसी में इमोशन नहीं मेरे आर्डर चलते हैं‘ जैसे तीखे डायलॉग फिल्म की जान हैं।

ट्रेलर देखने के बाद यह निश्चित तौर पर कहा जा सकता है कि राजनीतिक गलियारों में जबरदस्त विरोध झेल रही ‘इंदु सरकार‘ पर अगर सेंसर बोर्ड की कैंची नहीं चलती है तो यह फिल्म तहलका मचाएगी। बहरहाल युवाओं को फिल्म के रिलीज होने का बेसब्री से इंतजार है।

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