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तन्मय बख्शी Motivational Story of Tanmay Bakshi: Youngest App Developer

तन्मय बख्शी Motivational Story of Tanmay Bakshi

   13 साल के सॉफ्टवेयर डवलपर तन्मय बख्शी, इनको देखकर आप भी दबा लेंगे दांतों तले उंगली

तेरह साल के ज्यादातर किशोरों की दुनिया आमतौर पर केवल स्कूल, खेल और दोस्तों तक ही सीमित होती है, लेकिन भारतीय मूल के तन्मय बख्शी कुछ अलग हैं.

पांच साल की जिस उम्र में बच्चे स्कूल जाना शुरू करते हैं, उस उम्र में तन्मय प्रोग्रामिंग शुरू कर चुके थे. तन्मय 9 साल की उम्र में पहला आईओएस एप्प बनाकर दुनिया के सबसे छोटे App Developers एप डेवलपर्स में से एक बन गए.

वे न सिर्फ कई एप और सोर्स कोड लिख चुके हैं, बल्कि उन्होंने प्रोग्रामिंग लैंग्वेज स्विफ्ट पर एक टेक्स्ट बुक Hello Swift भी लिखी है. Artificial Intelligence पर तन्मय की पकड़ देखकर बड़े-बड़े विशेषज्ञ भी दांतों तले उंगली दबा लेते हैं. 

पिता से सीखी, अब उन्हीं को सिखाते हैं Programming

भारतीय मूल  के तन्मय के पिता का नाम पुनीत बख्शी और माता सुमिता बख्शी है. बख्शी परिवार 2004 में भारत से कनाडा जाकर बसा. अभी तन्मय अपने माता-पिता के साथ कनाडा के ओंटारियो प्रान्त के ब्रैम्प्टन शहर में रहते हैं.

उनके पिता पुनीत स्वयं Computer Programmer हैं और उनकी मां घर संभालती हैं. तन्मय अपने पिता को Programming करते देखा करते थे, उन्हें देखकर ही तन्मय की प्रोग्रामिंग में रुचि जगी. उनके पिता पुनीत ने उनकी रुचि को देखकर ही उन्हें Coding करना सिखाया. प्रोग्रामिंग ही पिता और पुत्र दोनों के रिश्तों की बॉन्डिंग हैं. आज तन्मय इतने पारंगत हैं कि उनके पिता भी उनसे प्रोग्रामिंग से जुड़ी कई बातें सीखते हैं. 

बच्चों को Multiplication Tables सिखाने के लिए बनाया App

तन्मय कहते हैं कि कम्प्यूटर मुझे जादू की तरह लगते थे. मैं आश्चर्यचकित हो जाता था कि कैसे कम्प्यूटर हर काम पलक झपकते ही कर लेते हैं. तन्मय ने जब प्रोग्रामिंग शुरू की तो उन्हें यह भी पता नहीं था कि यह एक प्रोफेशन है और लोगों को इसके लिए पैसे मिलते हैं.  

शुरुआत  में उन्होंने Foxpro, Bash और Visual Basic में प्रोग्रामिंग की. तन्मय ने नौ साल की उम्र में पहला iOS App tTables बनाया जो बच्चों को पहाड़े यानी multiplication tables याद करने में मदद करता है.

12 साल के होते-होते तन्मय दुनिया के सबसे छोटे IBM Watson developer बन गए. उन्होंने  आईबीएम वाटसन का उपयोग करके विश्व का पहला वेब आधारित नॉन लीनियर क्वेश्चन आंसरिंग सिस्टम बनाया है, जो कई तरह के साधारण प्रश्नों के जवाब दे सकता है. तन्मय का Youtube Channel Tanmay Teaches भी बहुत लोकप्रिय है.

नहीं जाते स्कूल, घर पर ही करते हैं पढ़ाई

व्यस्त कार्यक्रम होने के कारण उन्हें और बच्चों की तरह स्कूल जाने का समय नहीं मिल पाता. पिछले ढाई साल से तन्मय होमस्कूलिंग यानी घर पर रह कर ही पढ़ाई कर रहे हैं. जब वह कोडिंग नहीं कर रहे होते हैं, तब वह एप्पल, वालमार्ट, आईबीएम जैसी कम्पनियों में लेक्चर दे रहे होते हैं और जब वे बिलकुल फ्री होते हैं, उस वक्त उन्हें बाइकिंग करना और टेबल टेनिस खेलना पसंद है.

तन्मय बख्शी स्टीव जॉब्स को मानते हैं आदर्श

इन दिनों तन्मय बख्शी द कॉग्निटिव स्टोरी नाम के प्रोजेक्ट में व्यस्त हैं, जिसका मकसद हाथ-पैर से अक्षम हो चुकी महिला को कम्युनिकेट करने में मदद करना है. तन्मय एपल के संस्थापक Steve Jobs को अपना आदर्श मानते हैं. उनकी पुस्तक की एक प्रति पर अमिताभ बच्चन ने हस्ताक्षर किए हैं, जिसे उन्होंने प्यार से संजो कर रखा है.

तन्मय बख्शी Face Recognition पर आधारित IOT device पर कर रहे हैं काम

तन्मय Internet of Things इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर आधारित एक डिवाइस पर भी काम कर रहे हैं, जिससे आप किसी भी सेक्योर एरिया में प्रवेश करने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी. ऐसा होने पर आप किसी डिवाइस को पासवर्ड या फिंगरप्रिंट से एक्सेस करने के बजाय अपने Face Recognition से ही एक्सेस कर सकेंगे. तन्मय का सपना है कि एक दिन ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने और बेचने वाली उनकी अपनी एक कम्पनी हो.
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