Fathers day in hindi इस बार आप भी मनाइए फादर्स डे

Fathers day in Hindi 

इस
बार आप भी मनाइए फादर्स डे


बच्चा
जब पैदा होता है तो उसके जीवन को प्यार और दुलार से सींचने के साथ उसकी हर जरूरत
का ख्याल रखने का काम उसकी मां करती है। मां के साथ बच्चों का एक भावुक सा रिश्ता
होता है, जिसमें न कोई औपचारिकता होती है, न कोई संकोच। पिता नन्हीं उंगली पकड़कर बच्चे
को चलना सिखाता है और तब तक थामे रखता है कि जब तक कि उसे यकीन नहीं हो जाता कि उसका
बच्चा जीवन की मुश्किल डगर पर निर्भय होकर पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना सीख
गया है। एक पिता अपने बच्चों को वह सबकुछ देने का सपना देखता है, जिसे पाने की
इच्छा उसे अपने बचपन में कभी रही होगी। पिता हमारे जीवन में ऐसी छांव की तरह होता
है, जो अपने पूरे जीवन हमें शीतलता देता है, लेकिन वो हमें कभी इसका आभास नहीं होने
देता।
 ‘मेरे
पिता को मुझ में पूरा भरोसा है, यह मुझे दिया उनका सबसे बेहतरीन तोहफा है।’ पिता और बेटे के रिश्ते को परिभाषित करने वाली ये
सबसे सुन्दर पंक्तियां हैं, जो अब तक मैंने पढ़ी हैं। पिता पतंग की डोर की तरह
होता है, जो अपने बच्चे को निश्चिंत होकर ऊंचाई तक उड़ने का हौसला देता है और वह
भी इस विश्वास के साथ कि अगर कुछ गलत होगा तो कोई है जिसने उसे थाम रखा है। हिम्मत,
हौसले और विश्वास का ही नाम पिता है। कोई शख्स चाहे कितना ही बड़ा क्यों न हो जाए,
पिता के गुजर जाने के बाद पहले जैसी निश्चिंतता उसके जीवन में फिर कभी नहीं रहती। पिता
हर पल हमारे साथ रहते हैं और वह भी अपनी मौजूदगी का एहसास कराये बिना। शायद इसीलिए
बहुत सारे लोगों को पिता की अहमियत का एहसास जीवन में काफी वक्त गुजर जाने के बाद
होता है।
हमारी
संस्कृति भी यूं तो उत्सवों की संस्कृति है। हमारे यहां मातृ शक्ति के सम्मान में पर्व
मनाने की परम्परा है, भाई-बहन के स्नेह को मनाने के लिए दो पर्व हैं। अपने
स्वर्गवासी पूर्वजों को नमन करने के लिए भी पर्व हैं, लेकिन पिता के साथ आत्मीय
रिश्ते की खुशियां मनाने के बहुत अधिक अवसर जीवन में शायद नहीं मिलते। ऐसे में
फादर्स डे निश्चित रूप से वह मौका हो सकता है, जब हम अपने पिता को अपने दिल की
जुबां में शुक्रिया कहें, इसका अंदाज चाहे कुछ भी हो। फादर्स डे हर साल जून के
तीसरे रविवार को मनाया जाता है। भारत में इस साल यानी वर्ष 2017 में फादर्स डे 18
जून को मनाया जाएगा। 

फादर्स
डे पर कैसे करें पिता को विश
   How to wish Father’s Day

छोटे
बच्चे अपने हाथों से ड्रॉ कर ग्रीटिंग कार्ड पिता को दे सकते हैं। अगर उनकी पसंद
के बारे में आपको पता है, तो कोई उपहार भी भेंट कर सकते हैं। इस काम में अपनी मां
की मदद भी ले सकते हैं। उपहार देना ही है, यह भी कोई जरूरी नहीं है, आप चाहें तो अपने
पिता की पसंद की कोई डिश बनाकर उन्हें खिलाएं और साथ में उन्हें विश भी करें। पिता
दिखने में चाहे कितने ही सख्त-मिजाज क्यों न हों, उनके अंदर भी एक प्यार भरा दिल
छिपा है। यकीन मानिए पिता के प्रति प्रेम और सम्मान का इजहार, आपके रिश्ते को और अधिक
प्रगाढ़ बनाएगा।

कैसे
शुरू हुआ फादर्स डे
 Story of Father’s Day

फादर्स
डे की शुरुआत को लेकर कई तरह की कहानियां प्रचलित हैं। एक कहानी कुछ इस तरह है।
वर्ष 1908 में अमरीका के वेस्ट वर्जीनिया में एक खान हादसे में सैकड़ों आदमियों की
जान चली गई। उस इलाके के एक हजार से ज्यादा बच्चों को अपने पिता को इस हादसे में
खोना पड़ा। ग्रेस क्लेटन नाम की एक लड़की को भी अपने पिता की जान इस हादसे  में गंवानी पड़ी, जिसके बाद उसने लोकल चर्च से
आग्रह कर फादर्स डे मनाना शुरू किया। अमेरिका में तो फादर्स डे को राष्ट्रीय अवकाशों
में शामिल किया गया है।

अलग-अलग देशों में अलग-अलग दिन मनाते हैं फादर्स डे   When do we celebrate Father’s Day

ब्रिटेन,
भारत, अमेरिका, फ्रांस, जापान, कनाडा आदि देशों में जून के तीसरे रविवार को फादर्स
डे के रूप में मनाते हैं। लेकिन ऑस्ट्रेलिया, फिजी, न्यूजीलैण्ड में फादर्स डे
सितम्बर में मनाया जाता है। इटली,
स्विट्जरलैण्ड, स्पेन और पुर्तगाल में 19 मार्च को सेंट जोसेफ डे के दिन को फादर्स
डे के रूप में मना कर अपने पिता के प्रति प्यार जताया जाता है। नॉर्वे, स्वीडन,
फिनलैण्ड, एस्टोनिया और आइसलैण्ड में नवम्बर का दूसरा रविवार फादर्स डे के लिए तय
किया गया है। वहीं बल्गारिया में हर साल 26 दिसम्बर को फादर्स डे मनाते हैं। कुल
मिलाकर देखा जाए तो दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में वहां की संस्कृति और परम्परा के
अनुसार यह दिन मनाया जाता है, लेकिन एक बात तो तय है कि सब जगह पिता के लिए प्यार
और सम्मान की भावना एक जैसी होती है, भले ही इजहार का तरीका चाहे जो हो।

भारत
में फादर्स डे मनाने का चलन
  Trend of Father’s
Day in India

जहां
तक भारत की बात है, यहां फादर्स डे मनाने की परम्परा ज्यादा पुरानी नहीं है। मदर्स
डे को तो देशभर में काफी लोकप्रियता हासिल हो चुकी है और तकरीबन हर उम्र के लोग यह
दिन अपनी मांओं के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मनाने लगे हैं लेकिन फादर्स डे मनाने
का चलन अभी दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलूरू एवं अन्य महानगरों में ही
अधिक है।
बहुत
सारे लोगों का यह भी मानना है कि माता या पिता का सम्मान करने के लिए किसी एक
विशेष दिन की क्या जरूरत है, उनका सम्मान तो हमें हमेशा करना चाहिए। उनके लिए मैं सर्बियन-अमेरिकी
लेखक देजन स्तोजैनोविक का एक कोट उद्धृत कर इस लेख को पूरा करना चाहूंगी। ‘प्रेम
की अभिव्यक्ति करना एक खूबसूरत एहसास है और उससे भी ज्यादा खूबसूरत है उसे महसूस
करना।’   

Learn the art of saying Thank You—
थैंक्यू कहने की कला सीखें 

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